Ben Shelton मास्टर्स 1000 जीत ने दिलाई नंबर 5 की सर्वोच्च पदवी; अमेरिकी टेनिस का ‘नया अध्याय’ शुरू! वाह! बेन शेल्टन… इस नाम ने 2025 में टेनिस की दुनिया को सचमुच हिलाकर रख दिया है। यकीन मानिए, जिस लड़के को हमने कुछ ही साल पहले कॉलेज सर्किट में खेलते देखा था, उसने अब एटीपी टूर पर अपनी धाक जमा ली है।
इस सीजन में उनकी ऊर्जा, उनकी आक्रामक शैली और उस बाएं हाथ की घातक सर्विस को देखकर लगा, जैसे वह किसी मशीन की तरह खेल रहे हों। इस साल की सबसे बड़ी खबर? वह विश्व रैंकिंग में नंबर 5 पर पहुँच गए! यह सिर्फ एक नंबर नहीं है, यह अमेरिकी टेनिस के लिए उम्मीद की एक नई किरण है। 2000 के बाद से बहुत कम ऐसे बाएं हाथ के खिलाड़ी हुए हैं जो टॉप-5 में जगह बना पाए हैं, और शेल्टन ने दिखा दिया कि वह अब ‘उभरते सितारे’ नहीं रहे—वह दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के क्लब का हिस्सा हैं। यह उनके लिए व्यक्तिगत गौरव है, और हमारे लिए अमेरिकी टेनिस के पुनरुत्थान की खुशी!
कनाडा का ‘चमत्कार’: जब शेल्टन ने इतिहास रच दिया
अगर आप मुझसे 2025 का सबसे यादगार पल पूछें, तो वह बिना किसी शक के कनाडा का नेशनल बैंक ओपन होगा। फाइनल में खाचानोव के खिलाफ वह मुकाबला! क्या रोमांच था! 6-7, 6-4, 7-6 से मास्टर्स 1000 खिताब जीतना… यह सिर्फ एक मैच नहीं था, यह उनके करियर का टर्निंग पॉइंट था। जिस तरह उन्होंने दबाव में खुद को संभाला, जो मानसिक दृढ़ता दिखाई—उसने यह साबित कर दिया कि शेल्टन बड़े मंच के लिए तैयार हैं। वह ट्रॉफी जीतना उन्हें एक गंभीर और सतत दावेदार के रूप में स्थापित कर गया।
सीखने की ललक: हार को भी जीत में बदला

घास के कोर्ट पर भी इस खिलाड़ी ने कमाल दिखाया। विंबलडन 2025 में पहली बार क्वार्टरफाइनल तक पहुँचना शानदार था। भले ही सिन्नर ने उन्हें रोक दिया, लेकिन मैच के बाद शेल्टन ने जिस खुले दिल से सिन्नर के खेल से सीखने की बात की, वह उनकी परिपक्वता को दर्शाता है। वह सिर्फ एक ताकतवर खिलाड़ी नहीं हैं; वह एक गहराई से सोचने वाले एथलीट हैं जो हर अनुभव से कुछ नया सीखते हैं।
सीजन के अंत में, एटीपी फाइनल्स के लिए क्वालिफाई करना अपने आप में एक उपलब्धि थी। ट्यूरिन में भले ही ज्वेरेव से हार गए, लेकिन विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा करने का वह अनुभव अगले साल के लिए उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने खुद कहा था कि यह हार उनके लिए “सीख और प्रेरणा दोनों” लेकर आई—कितना सकारात्मक दृष्टिकोण है!
ताकत और ‘डिजिटल डिटॉक्स’ का जादू
शेल्टन की सबसे बड़ी पहचान उनकी सर्विस है—वह ऐसी बिजली जैसी सर्विस करते हैं कि विरोधी को प्रतिक्रिया देने का मौका ही नहीं मिलता। 220 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तो अब उनकी आदत बन चुकी है! लेकिन 2025 में उन्होंने सिर्फ ताकत पर भरोसा नहीं किया। उन्होंने अपने रिटर्न और नेट-प्ले को इतना सुधारा कि उनका खेल संतुलित हो गया। और उनका मानसिक दृष्टिकोण? बिल्कुल बदल गया है! उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर ‘डिजिटल डिटॉक्स’ को अपनाया। सोचिए, एक युवा खिलाड़ी के लिए यह कितना मुश्किल फैसला होगा, लेकिन उन्होंने अपने आत्मविश्वास को ऑनलाइन आलोचनाओं से बचाकर, सिर्फ खेल पर ध्यान केंद्रित किया। कोर्ट पर उनकी शांति और आत्मविश्वास इसी बदलाव का नतीजा है।
अनुशासन और आगे की राह
अक्टूबर में टोक्यो ओपन से चोट के कारण हटना उनकी समझदारी दिखाता है। अनुभवी खिलाड़ियों की तरह उन्होंने अपने शरीर को सुना और आराम को प्राथमिकता दी—यह एक चैंपियन का दृष्टिकोण है। उनके पिता ब्रायन शेल्टन, जो खुद एक पेशेवर खिलाड़ी रहे हैं, उनके सबसे बड़े मार्गदर्शक हैं।
बेन शेल्टन की यह कहानी केवल प्रतिभा की नहीं, बल्कि पारिवारिक मूल्यों और अनुशासन की भी है। उनके 2025 के प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि उनके पिता की दी हुई सीख—”धैर्य और निरंतरता”—ही सफलता की असली कुंजी है। अगर वह अपनी फिटनेस और इस मानसिक स्थिरता को बरकरार रखते हैं, तो विश्लेषक सही कह रहे हैं: वह जल्द ही ग्रैंड स्लैम खिताब के लिए सबसे प्रबल दावेदार बनेंगे। 2025 बेन शेल्टन के लिए महज एक सफल साल नहीं था, यह अमेरिकी टेनिस के एक नए, रोमांचक और उम्मीद से भरे युग का धमाकेदार आरंभ है।
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